Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.128.36: दुर्योधन ने भीमसेन के प्रिय सारथी का गला घोंटकर अपने हाथों से वध कर दिया। उस समय भी धर्मात्मा विदुर ने कुंतीपुत्रों को सब कुछ चुपचाप सहने की सलाह दी। | mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्योधन ने भीमसेन के प्रिय सारथी का गला घोंटकर अपने हाथों से वध कर दिया। उस समय भी धर्मात्मा विदुर ने कुंतीपुत्रों को सब कुछ चुपचाप सहने की सलाह दी।
Duryodhan strangled Bhimasena's favourite charioteer to death with his hands. Even at that time, the virtuous Vidur advised the sons of Kunti to endure everything in silence.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥