Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.128.34: तब राजा युधिष्ठिर ने भीमसेन से अर्थपूर्ण बात कही- 'भैया भीम! तुम चुप रहो। अपने साथ जो व्यवहार किया गया है, उसे किसी से किसी प्रकार मत कहना।'॥34॥ | mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो युधिष्ठिरो राजा भीममाह वचोऽर्थवत्।
तूष्णीं भव न ते जल्प्यमिदं कार्यं कथंचन॥ ३४॥
अनुवाद
तब राजा युधिष्ठिर ने भीमसेन से अर्थपूर्ण बात कही- 'भैया भीम! तुम चुप रहो। अपने साथ जो व्यवहार किया गया है, उसे किसी से किसी प्रकार मत कहना।'॥34॥
Then King Yudhishthira said something meaningful to Bhimasena- 'Brother Bhima! You should keep quiet. Do not tell anyone in any way about the way you have been treated.'॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥