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mahabharat 1.128.32: तत्पश्चात् महान् बल और पराक्रम से संपन्न भीमसेन ने दुर्योधन के सारे दुष्कर्म अपने भाइयों से कह सुनाए॥32॥   |   mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.128.32 
ततस्तत् सर्वमाचष्ट दुर्योधनविचेष्टितम्।
भ्रातॄणां भीमसेनश्च महाबलपराक्रम:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महान् बल और पराक्रम से संपन्न भीमसेन ने दुर्योधन के सारे दुष्कर्म अपने भाइयों से कह सुनाए॥32॥
 
Thereafter, Bhimasena, endowed with great strength and bravery, told all the misdeeds of Duryodhana to his brothers. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)