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mahabharat 1.128.22: महाबाहो! इस शक्तिशाली रस को पीने के कारण तुम्हारा बल दस हजार हाथियों के बराबर हो जाएगा और तुम युद्ध में अजेय हो जाओगे॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.128.22 
यत् ते पीतो महाबाहो रसोऽयं वीर्यसम्भृत:।
तस्मान्नागायुतबलो रणेऽधृष्यो भविष्यसि॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! इस शक्तिशाली रस को पीने के कारण तुम्हारा बल दस हजार हाथियों के बराबर हो जाएगा और तुम युद्ध में अजेय हो जाओगे॥ 22॥
 
'Mahabaho! Because you have drunk this powerful juice, your strength will increase to that of ten thousand elephants and you will become invincible in battle.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)