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mahabharat 1.128.21: पाण्डु नन्दन भीम को जागा हुआ देखकर समस्त नागों ने उन्हें शान्त किया और यह कहा- 21॥   |   mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.128.21 
तं दृष्ट्वा प्रतिबुध्यन्तं पाण्डवं ते भुजङ्गमा:।
सान्त्वयामासुरव्यग्रा वचनं चेदमब्रुवन्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पाण्डु नन्दन भीम को जागा हुआ देखकर समस्त नागों ने उन्हें शान्त किया और यह कहा- 21॥
 
Seeing Pandu Nandan Bhima awake, all the snakes calmed him down and said this - 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)