Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.128.18: महर्षि व्यास ने पहले जो कहा है, उसके अनुसार आपके सभी पुत्र दीर्घायु होंगे। अतः आपका पुत्र भीमसेन जहाँ भी गया हो, अवश्य लौटकर आपको आनन्द पहुँचाएगा। ॥18॥ | mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दीर्घायुषस्तव सुता यथोवाच महामुनि:।
आगमिष्यति ते पुत्र: प्रीतिं चोत्पादयिष्यति॥ १८॥
अनुवाद
महर्षि व्यास ने पहले जो कहा है, उसके अनुसार आपके सभी पुत्र दीर्घायु होंगे। अतः आपका पुत्र भीमसेन जहाँ भी गया हो, अवश्य लौटकर आपको आनन्द पहुँचाएगा। ॥18॥
According to what the great sage Vyasa has said earlier, all your sons will have long lives. Therefore, no matter where your son Bhimasena has gone, he will certainly return and bring you joy. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥