Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.127.9: ‘इस कुल का भयंकर संहार तुम्हें अपनी आँखों से नहीं देखना चाहिए।’ तब व्यासजी से ‘ऐसा ही हो’ कहकर सत्यवती अन्दर गई और अपनी पुत्रवधू से बोली-॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘इस कुल का भयंकर संहार तुम्हें अपनी आँखों से नहीं देखना चाहिए।’ तब व्यासजी से ‘ऐसा ही हो’ कहकर सत्यवती अन्दर गई और अपनी पुत्रवधू से बोली-॥9॥
‘You should not see with your own eyes the horrific massacre of this clan.’ Then saying ‘So be it’ to Vyasa, Satyavati went inside and said to her daughter-in-law -॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥