Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.127.7: अब ऐसा भयंकर समय आएगा, जिसमें सर्वत्र छल, कपट और माया का बोलबाला होगा। जगत् में अनेक प्रकार के दोष प्रकट होंगे तथा धर्म, कर्म और सदाचार लुप्त हो जाएँगे।॥7॥   |   mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.127.7 
बहुमायासमाकीर्णो नानादोषसमाकुल:।
लुप्तधर्मक्रियाचारो घोर: कालो भविष्यति॥ ७॥
 
 
अनुवाद
अब ऐसा भयंकर समय आएगा, जिसमें सर्वत्र छल, कपट और माया का बोलबाला होगा। जगत् में अनेक प्रकार के दोष प्रकट होंगे तथा धर्म, कर्म और सदाचार लुप्त हो जाएँगे।॥7॥
 
‘Now such a dreadful time will come in which deception, fraud and illusion will prevail everywhere. Many types of defects will appear in the world and righteousness, karma and good conduct will vanish.’॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)