Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.127.60: भीमसेन के हाथ से मरने से बचे हुए समस्त नाग इन्द्र के समान तेजस्वी नागराज वासुकि के पास जाकर इस प्रकार बोले-॥60॥ | mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन के हाथ से मरने से बचे हुए समस्त नाग इन्द्र के समान तेजस्वी नागराज वासुकि के पास जाकर इस प्रकार बोले-॥60॥
All the serpents who had escaped death at the hands of Bhima went to Vasuki, the king of serpents, who was as illustrious as Indra, and spoke thus:-॥ 60॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥