Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.127.4: नगर और जनपद के सभी लोग भरतपुत्र पाण्डु के लिए निरन्तर शोक में डूबे हुए थे, मानो उनका कोई अपना ही भाई मर गया हो॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नगर और जनपद के सभी लोग भरतपुत्र पाण्डु के लिए निरन्तर शोक में डूबे हुए थे, मानो उनका कोई अपना ही भाई मर गया हो॥4॥
All the people of the city and the district were immersed in constant grief for Pandu, the son of the Bharata clan, as if one of their own brothers had died. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥