Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.127.32: वे घर सभी प्रकार की इच्छित सामग्रियों से परिपूर्ण थे। उनके ऊपर ऊँची-ऊँची पताकाएँ लहरा रही थीं। उसने उनमें नाना प्रकार के अनेक कमरे बनवा रखे थे। 32. | mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे घर सभी प्रकार की इच्छित सामग्रियों से परिपूर्ण थे। उनके ऊपर ऊँची-ऊँची पताकाएँ लहरा रही थीं। उसने उनमें नाना प्रकार के अनेक कमरे बनवा रखे थे। 32.
Those houses were full of all kinds of desired materials. High flags were fluttering above them. He had built many rooms of different types in them. 32.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥