Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.127.29-30: ‘अतः जब वह नगर के बगीचे में सो जाए, तो हमें उसे उठाकर गंगा में फेंक देना चाहिए। इसके बाद मैं उसके छोटे भाई अर्जुन और बड़े भाई युधिष्ठिर को बलपूर्वक बन्दी बनाकर सम्पूर्ण पृथ्वी पर अकेले शासन करूँगा।’ ऐसा निश्चय करके पापी दुर्योधन महाबली भीमसेन को हानि पहुँचाने का अवसर ढूँढ़ता रहता था। | mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘अतः जब वह नगर के बगीचे में सो जाए, तो हमें उसे उठाकर गंगा में फेंक देना चाहिए। इसके बाद मैं उसके छोटे भाई अर्जुन और बड़े भाई युधिष्ठिर को बलपूर्वक बन्दी बनाकर सम्पूर्ण पृथ्वी पर अकेले शासन करूँगा।’ ऐसा निश्चय करके पापी दुर्योधन महाबली भीमसेन को हानि पहुँचाने का अवसर ढूँढ़ता रहता था।
'Therefore, when he falls asleep in the city garden, we should pick him up and throw him into the Ganga. After this, I will forcibly imprison his younger brother Arjun and elder brother Yudhishthira and rule the entire earth alone.' Having decided thus, the sinful Duryodhan was always looking for an opportunity to harm the great Bhimasena. 29-30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥