Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.127.16: भीमसेन दौड़कर, दूर रखी हुई वस्तु को सबसे पहले उठाकर, खाने-पीने में तथा धूल फांकने के खेल में धृतराष्ट्र के समस्त पुत्रों को अपमानित किया करते थे॥16॥ | mahabharat अध्याय 1.127: पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जवे लक्ष्याभिहरणे भोज्ये पांसुविकर्षणे।
धार्तराष्ट्रान् भीमसेन: सर्वान् स परिमर्दति॥ १६॥
अनुवाद
भीमसेन दौड़कर, दूर रखी हुई वस्तु को सबसे पहले उठाकर, खाने-पीने में तथा धूल फांकने के खेल में धृतराष्ट्र के समस्त पुत्रों को अपमानित किया करते थे॥16॥
Bhimasena used to humiliate all the sons of Dhritarashtra in running, in being the first to reach and pick up an object kept at a distance, in eating and drinking and in the game of throwing dust.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥