Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.126.29: उस समय सभी पांडव अपने पिता के लिए विलाप कर रहे थे। शांतनु नंदन भीष्म, विदुर और अन्य भाइयों की भी यही स्थिति थी। सभी ने जल तर्पण का अनुष्ठान पूरा किया।   |   mahabharat अध्याय 1.126: पाण्डु और माद्रीकी अस्थियोंका दाह-संस्कार तथा भाई-बन्धुओंद्वारा उनके लिये जलांजलिदान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 126: पाण्डु और माद्रीकी अस्थियोंका दाह-संस्कार तथा भाई-बन्धुओंद्वारा उनके लिये जलांजलिदान  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.126.29 
चुक्रुशु: पाण्डवा: सर्वे भीष्म: शान्तनवस्तथा।
विदुरो ज्ञातयश्चैव चक्रुश्चाप्युदकक्रिया:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उस समय सभी पांडव अपने पिता के लिए विलाप कर रहे थे। शांतनु नंदन भीष्म, विदुर और अन्य भाइयों की भी यही स्थिति थी। सभी ने जल तर्पण का अनुष्ठान पूरा किया।
 
At that time all the Pandavas were crying for their father. Shantanu Nandan Bhishma, Vidur and other brothers were also in the same condition. Everyone completed the ritual of offering water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)