Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.126.21: इस प्रकार बहुमूल्य शय्या पर शयन करने वाले पुरुषों में श्रेष्ठ राजा पाण्डु की हड्डियाँ वस्त्रों से ढक गईं और जीवित मनुष्य के समान शोभायमान होने लगीं ॥21॥ | mahabharat अध्याय 1.126: पाण्डु और माद्रीकी अस्थियोंका दाह-संस्कार तथा भाई-बन्धुओंद्वारा उनके लिये जलांजलिदान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संछन्न: स तु वासोभिर्जीवन्निव नराधिप:।
शुशुभे स नरव्याघ्रो महार्हशयनोचित:॥ २१॥
अनुवाद
इस प्रकार बहुमूल्य शय्या पर शयन करने वाले पुरुषों में श्रेष्ठ राजा पाण्डु की हड्डियाँ वस्त्रों से ढक गईं और जीवित मनुष्य के समान शोभायमान होने लगीं ॥21॥
In this way, the bones of King Pandu, the best of men who could sleep on a precious bed, were covered with clothes and started looking beautiful like a living person. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥