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mahabharat 1.124.8: अत: राजा पाण्डु ने अपने साथ अकेली माद्री को बलपूर्वक पकड़ लिया। देवी माद्री बार-बार राजा को रोक रही थीं और उनके चंगुल से छूटने का भरसक प्रयास कर रही थीं। 8.   |   mahabharat अध्याय 1.124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.124.8 
तत एनां बलाद् राजा निजग्राह रहो गताम्।
वार्यमाणस्तया देव्या विस्फुरन्त्या यथाबलम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अत: राजा पाण्डु ने अपने साथ अकेली माद्री को बलपूर्वक पकड़ लिया। देवी माद्री बार-बार राजा को रोक रही थीं और उनके चंगुल से छूटने का भरसक प्रयास कर रही थीं। 8.
 
Therefore, King Pandu forcefully captured Madri who was alone with him. Goddess Madri was repeatedly stopping the king while trying her best to escape from his grasp. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)