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mahabharat 1.124.26: यह भरतश्रेष्ठ मुझ पर मोहित हो गया है और मेरे साथ समागम करके मर गया है; अतः मुझे किसी प्रकार परलोक में जाकर इसकी कामवासना का अन्त करना चाहिए ॥26॥   |   mahabharat अध्याय 1.124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.124.26 
मां चाभिगम्य क्षीणोऽयं कामाद् भरतसत्तम:।
तमुच्छिन्द्यामस्य कामं कथं नु यमसादने॥ २६॥
 
 
अनुवाद
यह भरतश्रेष्ठ मुझ पर मोहित हो गया है और मेरे साथ समागम करके मर गया है; अतः मुझे किसी प्रकार परलोक में जाकर इसकी कामवासना का अन्त करना चाहिए ॥26॥
 
This best of the Bharatas became attracted to me and after having intercourse with me, has died; therefore, I must somehow reach the other world and put an end to his lust. ॥26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)