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mahabharat 1.124.19: 'माद्री! तुम्हें महाराज की रक्षा करनी चाहिए थी। तुमने उन्हें एकांत में क्यों फुसलाया?॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.124.19 
ननु नाम त्वया माद्रि रक्षितव्यो नराधिप:।
सा कथं लोभितवती विजने त्वं नराधिपम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'माद्री! तुम्हें महाराज की रक्षा करनी चाहिए थी। तुमने उन्हें एकांत में क्यों फुसलाया?॥19॥
 
‘Madri! You should have protected the Maharaja. Why did you entice him in solitude?॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)