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mahabharat 1.124.11: कामात्मा पाण्डु के मन पर कुदृष्टि पड़ गई थी। उनकी समस्त इन्द्रियों का मंथन करके उनकी बुद्धि और विचारशक्ति नष्ट कर दी गई थी। 11॥   |   mahabharat अध्याय 1.124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 124: राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.124.11 
तस्य कामात्मनो बुद्धि: साक्षात् कालेन मोहिता।
सम्प्रमथ्येन्द्रियग्रामं प्रणष्टा सह चेतसा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
कामात्मा पाण्डु के मन पर कुदृष्टि पड़ गई थी। उनकी समस्त इन्द्रियों का मंथन करके उनकी बुद्धि और विचारशक्ति नष्ट कर दी गई थी। 11॥
 
The evil eye had captivated the mind of Kamatma Pandu. His intellect was destroyed along with his thinking power by churning all his senses. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)