Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.123.d9-d10: वह सब सामग्री एकत्रित करके पुरोहित वन को चले गए। शत्रुओं के नगर को जीतकर राजा पाण्डु ने पुरोहित द्विजश्रेष्ठ काश्यप की विधिपूर्वक पूजा की। कुन्ती और माद्री प्रसन्न हुईं और उन्होंने वसुदेवजी की भूरि-भूरि स्तुति की। | mahabharat अध्याय 1.123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह सब सामग्री एकत्रित करके पुरोहित वन को चले गए। शत्रुओं के नगर को जीतकर राजा पाण्डु ने पुरोहित द्विजश्रेष्ठ काश्यप की विधिपूर्वक पूजा की। कुन्ती और माद्री प्रसन्न हुईं और उन्होंने वसुदेवजी की भूरि-भूरि स्तुति की।
After collecting all those materials, the priest left for the forest. King Pandu, who had conquered the enemies' city, worshiped the priest Dwijashrestha Kashyap in a ritual manner. Kunti and Madri were happy and praised Vasudevji profusely.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥