Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.123.26: राजन! जब पाण्डु ने कुन्ती को एकान्त में यह बात बताई, तब पतिव्रता कुन्ती ने पाण्डु से इस प्रकार कहा - 'महाराज! मैंने इसे एक पुत्र के लिए नियुक्त किया था, परन्तु इसने दो पुत्र प्राप्त कर लिए। मैं इसके द्वारा छली गई हूँ।' | mahabharat अध्याय 1.123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! जब पाण्डु ने कुन्ती को एकान्त में यह बात बताई, तब पतिव्रता कुन्ती ने पाण्डु से इस प्रकार कहा - 'महाराज! मैंने इसे एक पुत्र के लिए नियुक्त किया था, परन्तु इसने दो पुत्र प्राप्त कर लिए। मैं इसके द्वारा छली गई हूँ।'
King! When Pandu told Kunti this in private, then the chaste Kunti said to Pandu like this - 'Maharaj! I had appointed him for one son, but he got two. I have been deceived by him. 26.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥