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mahabharat 1.123.18: ये दोनों बालक अश्विनीकुमारों से भी अधिक बुद्धिमान, सुन्दर और गुणों से युक्त होंगे। ये अपनी प्रभा और महान सौन्दर्य से सदैव प्रकाशित होंगे।॥18॥   |   mahabharat अध्याय 1.123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.123.18 
सत्त्वरूपगुणोपेतौ भवतोऽत्यश्विनाविति।
भासतस्तेजसात्यर्थं रूपद्रविणसम्पदा॥ १८॥
 
 
अनुवाद
ये दोनों बालक अश्विनीकुमारों से भी अधिक बुद्धिमान, सुन्दर और गुणों से युक्त होंगे। ये अपनी प्रभा और महान सौन्दर्य से सदैव प्रकाशित होंगे।॥18॥
 
‘These two boys will be more intelligent, beautiful and endowed with qualities than even the Ashwinikumars. They will always shine with their brilliance and great beauty.’॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)