Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.123.17: उनमें से एक का नाम नकुल और दूसरे का नाम सहदेव था। पृथ्वी पर उनकी सुन्दरता के समान कोई दूसरा नहीं था। पहले की भाँति आकाशवाणी हुई कि उन दोनों यामल बालकों के विषय में भी -॥17॥ | mahabharat अध्याय 1.123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नकुलं सहदेवं च रूपेणाप्रतिमौ भुवि।
तथैव तावपि यमौ वागुवाचाशरीरिणी॥ १७॥
अनुवाद
उनमें से एक का नाम नकुल और दूसरे का नाम सहदेव था। पृथ्वी पर उनकी सुन्दरता के समान कोई दूसरा नहीं था। पहले की भाँति आकाशवाणी हुई कि उन दोनों यामल बालकों के विषय में भी -॥17॥
One of them was named Nakul and the other was named Sahadev. There was no one else on earth who could match their beauty. Like before, the voice from the sky said about those two Yamal children too -॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥