Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.123.16: तब माद्री ने कुछ सोचकर उन दोनों अश्विनीकुमारों का स्मरण किया और उन दोनों ने आकर माद्री के गर्भ से जुड़वाँ पुत्र उत्पन्न किए॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.123.16 
ततो माद्री विचार्यैवं जगाम मनसाश्विनौ।
तावागम्य सुतौ तस्यां जनयामासतुर्यमौ॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब माद्री ने कुछ सोचकर उन दोनों अश्विनीकुमारों का स्मरण किया और उन दोनों ने आकर माद्री के गर्भ से जुड़वाँ पुत्र उत्पन्न किए॥16॥
 
Then Madri thought about something and remembered the two Ashwinikumars. Then both of them came and produced twin sons from Madri's womb.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)