Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.123.14: 'अनिंदिते! इसी प्रकार तुम इस माद्री को भी नाव में बिठाकर पार ले जाओ; इसे संतान दो और महान यश प्राप्त करो।'॥14॥   |   mahabharat अध्याय 1.123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 123: नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.123.14 
सा त्वं माद्रीं प्लवेनैव तारयैनामनिन्दिते।
अपत्यसंविभागेन परां कीर्तिमवाप्नुहि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'अनिंदिते! इसी प्रकार तुम इस माद्री को भी नाव में बिठाकर पार ले जाओ; इसे संतान दो और महान यश प्राप्त करो।'॥14॥
 
'Anindite! Similarly, you also take this Madri in the boat and take her across; give her offspring and achieve great fame.'॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)