Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.122.d9-19: जब चन्द्रमा मघा नक्षत्र पर विराजमान थे, बृहस्पति सिंह लग्न में सुशोभित थे, सूर्यदेव मध्याह्न के समय आकाश के मध्य में धूप सेंक रहे थे, उस समय शुभ त्रयोदशी तिथि को मैत्र मुहूर्त में कुन्तीदेवी ने अविचल पराक्रम वाले भीमसेन को जन्म दिया। भरतश्रेष्ठ भूपाल! जिस दिन भीमसेन का जन्म हुआ, उसी दिन हस्तिनापुर में दुर्योधन का भी जन्म हुआ। 19॥ | mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब चन्द्रमा मघा नक्षत्र पर विराजमान थे, बृहस्पति सिंह लग्न में सुशोभित थे, सूर्यदेव मध्याह्न के समय आकाश के मध्य में धूप सेंक रहे थे, उस समय शुभ त्रयोदशी तिथि को मैत्र मुहूर्त में कुन्तीदेवी ने अविचल पराक्रम वाले भीमसेन को जन्म दिया। भरतश्रेष्ठ भूपाल! जिस दिन भीमसेन का जन्म हुआ, उसी दिन हस्तिनापुर में दुर्योधन का भी जन्म हुआ। 19॥
When the Moon was sitting on the Magha Nakshatra, Jupiter was adorned in the Leo ascendant, the Sun God was basking in the middle of the sky at noon, at that time on the auspicious Trayodashi date, in the Maitra Muhurta, Kuntidevi gave birth to Bhimsen of unshakable power. Bharatshrestha Bhupal! On the same day Bhimsen was born, Duryodhana was also born in Hastinapura. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥