Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.122.d13h: पाण्डु बोले - हे प्रिये! वास्तव में शास्त्रों का यही मत है। तुम जो कुछ कह रहे हो, वही सत्य है। | mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डु बोले - हे प्रिये! वास्तव में शास्त्रों का यही मत है। तुम जो कुछ कह रहे हो, वही सत्य है।
Pandu said - Dear! Actually this is the opinion of the scriptures. Whatever you are saying is correct.
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि पाण्डवोत्पत्तौ द्वाविंशत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १२२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सम्भवपर्वमें पाण्डवोंकी उत्पत्तिविषयक एक सौ बाईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १२२॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके १० १/२ श्लोक मिलाकर कुल ८८ १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥