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mahabharat 1.122.8-10h: 'यह महापुरुष धर्मात्माओं में श्रेष्ठ होगा, इस पृथ्वी पर पराक्रमी एवं सत्यवादी राजा होगा। पाण्डुक का यह प्रथम पुत्र 'युधिष्ठिर' नाम से विख्यात होगा तथा तीनों लोकों में यश और कीर्ति प्राप्त करेगा; यह यशस्वी, तेजस्वी और गुणवान होगा। 8-9 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति  »  श्लोक 8-10h
 
 
श्लोक  1.122.8-10h 
एष धर्मभृतां श्रेष्ठो भविष्यति नरोत्तम:।
विक्रान्त: सत्यवाक् त्वेव राजा पृथ्व्यां भविष्यति॥ ८॥
युधिष्ठिर इति ख्यात: पाण्डो: प्रथमज: सुत:।
भविता प्रथितो राजा त्रिषु लोकेषु विश्रुत:॥ ९॥
यशसा तेजसा चैव वृत्तेन च समन्वित:।
 
 
अनुवाद
'यह महापुरुष धर्मात्माओं में श्रेष्ठ होगा, इस पृथ्वी पर पराक्रमी एवं सत्यवादी राजा होगा। पाण्डुक का यह प्रथम पुत्र 'युधिष्ठिर' नाम से विख्यात होगा तथा तीनों लोकों में यश और कीर्ति प्राप्त करेगा; यह यशस्वी, तेजस्वी और गुणवान होगा। 8-9 1/2॥
 
'This great man will be foremost among the religious souls and will be a mighty and truthful king on this earth. This first son of Panduka will be famous by the name 'Yudhishthir' and will achieve fame and glory in all the three worlds; He will be successful, brilliant and virtuous. 8-9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)