Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.122.78: 'विद्वान! तुम धर्म को जानते हुए भी उसे प्रमाद से बोलने वाले की भाँति क्यों त्याग देते हो और अब फिर मुझे संतानोत्पत्ति के लिए क्यों उकसा रहे हो?' | mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वं विद्वन् धर्ममिममधिगम्य कथं नु माम्।
अपत्यार्थं समुत्क्रम्य प्रमादादिव भाषसे॥ ७८॥
अनुवाद
'विद्वान! तुम धर्म को जानते हुए भी उसे प्रमाद से बोलने वाले की भाँति क्यों त्याग देते हो और अब फिर मुझे संतानोत्पत्ति के लिए क्यों उकसा रहे हो?'
'Learned one! Why do you, even though you know the Dharma, abandon it like one who speaks out of negligence and are now again inciting me to have children?'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥