श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  1.122.73 
तार्क्ष्यश्चारिष्टनेमिश्च गरुडश्चासितध्वज:।
अरुणश्चारुणिश्चैव वैनतेया व्यवस्थिता:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
तार्क्ष्य और अरिष्टनेमि, गरुड़ और असितध्वज, अरुण और अरुणि-विनता के ये पुत्र भी उस उत्सव में उपस्थित थे। 73॥
 
Tarkshya and Arishtanemi, Garuda and Asitadhwaja, Arun and Aruni-these sons of Vinata were also present in that festival. 73॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)