vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति
»
श्लोक 73
श्लोक
1.122.73
तार्क्ष्यश्चारिष्टनेमिश्च गरुडश्चासितध्वज:।
अरुणश्चारुणिश्चैव वैनतेया व्यवस्थिता:॥ ७३॥
अनुवाद
तार्क्ष्य और अरिष्टनेमि, गरुड़ और असितध्वज, अरुण और अरुणि-विनता के ये पुत्र भी उस उत्सव में उपस्थित थे। 73॥
Tarkshya and Arishtanemi, Garuda and Asitadhwaja, Arun and Aruni-these sons of Vinata were also present in that festival. 73॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×