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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति
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श्लोक 70
श्लोक
1.122.70
अश्विनौ वसवश्चाष्टौ मरुतश्च महाबला:।
विश्वेदेवास्तथा साध्यास्तत्रासन् परित: स्थिता:॥ ७०॥
अनुवाद
दोनों अश्विनीकुमार, आठों वसु, महाबली मरुद्गण, विश्वेदेवगण और साध्यगण वहाँ सर्वत्र उपस्थित थे ॥70॥
Both the Ashwini Kumars and the eight Vasus, the mighty Marudgana, the Vishvedevgana and the Sadhyagana were present everywhere there. 70॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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