Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.122.61-65: उनके नाम इस प्रकार हैं - अनुचन और अनावद्या, गुणमुख्य और गुणवरा, अद्रिका और सोम, मिश्रकेशी और अलम्बुषा, मरीचि और शुचिका, विद्युत्पर्णा, तिलोत्तमा, अंबिका, लक्षणा, क्षेमा, देवी, रंभा, मनोरमा, असिता और सुबाहु, सुप्रिया और वपु, पुंडरिका और सुगंधा, सुरसा और प्रमथिनी, काम्या और शरदवती आदि। ये अप्सराओं के झुंड हैं। नाचने लगा. इनमें मेनका, सहजन्या, कर्णिका और पुंजिकस्थला, ऋतुस्थला और घृताची, विश्वाची और पूर्वचित्ति, उम्लोचा और प्रम्लोचा- ये दस प्रसिद्ध हैं। 61-65॥ | mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनूचानानवद्या च गुणमुख्या गुणावरा।
अद्रिका च तथा सोमा मिश्रकेशी त्वलम्बुषा॥ ६१॥
मरीचि: शुचिका चैव विद्युत्पर्णा तिलोत्तमा।
अम्बिका लक्षणा क्षेमा देवी रम्भा मनोरमा॥ ६२॥
असिता च सुबाहुश्च सुप्रिया च वपुस्तथा।
पुण्डरीका सुगन्धा च सुरसा च प्रमाथिनी॥ ६३॥
काम्या शारद्वती चैव ननृतुस्तत्र सङ्घश:।
मेनका सहजन्या च कर्णिका पुञ्जिकस्थला॥ ६४॥
ऋतुस्थला घृताची च विश्वाची पूर्वचित्त्यपि।
उम्लोचेति च विख्याता प्रम्लोचेति च ता दश॥ ६५॥
अनुवाद
उनके नाम इस प्रकार हैं - अनुचन और अनावद्या, गुणमुख्य और गुणवरा, अद्रिका और सोम, मिश्रकेशी और अलम्बुषा, मरीचि और शुचिका, विद्युत्पर्णा, तिलोत्तमा, अंबिका, लक्षणा, क्षेमा, देवी, रंभा, मनोरमा, असिता और सुबाहु, सुप्रिया और वपु, पुंडरिका और सुगंधा, सुरसा और प्रमथिनी, काम्या और शरदवती आदि। ये अप्सराओं के झुंड हैं। नाचने लगा. इनमें मेनका, सहजन्या, कर्णिका और पुंजिकस्थला, ऋतुस्थला और घृताची, विश्वाची और पूर्वचित्ति, उम्लोचा और प्रम्लोचा- ये दस प्रसिद्ध हैं। 61-65॥
Their names are as follows - Anuchana and Anavadya, Gunamukhya and Gunavara, Adrika and Soma, Mishrakeshi and Alambusha, Marichi and Shuchika, Vidyutparna, Tilottama, Ambika, Lakshana, Kshema, Devi, Rambha, Manorama, Asita and Subahu, Supriya and Vapu, Pundarika and Sugandha, Surasa and Pramathini, Kamya and Sharadwati etc. These flocks of nymphs started dancing. Among these, Menaka, Sahajanya, Karnika and Punjiksthala, Ritusthala and Ghritachi, Vishwachi and Purvachitti, Umlocha and Pramlocha – these ten are famous. 61-65॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥