Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.122.53: वे सभी दिव्य हार और दिव्य वस्त्र धारण किए हुए थीं। वे सभी प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित थीं। वहाँ अप्सराओं का एक समूह एकत्रित था। वे सभी अर्जुन की स्तुति में गाने और नृत्य करने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  1.122.53 
दिव्यमाल्याम्बरधरा: सर्वालंकारभूषिता:।
उपगायन्ति बीभत्सुं नृत्यन्तेऽप्सरसां गणा:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
वे सभी दिव्य हार और दिव्य वस्त्र धारण किए हुए थीं। वे सभी प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित थीं। वहाँ अप्सराओं का एक समूह एकत्रित था। वे सभी अर्जुन की स्तुति में गाने और नृत्य करने लगीं।
 
All of them were wearing divine necklaces and divine clothes. They were adorned with all kinds of ornaments. A whole group of Apsaras had gathered there. All of them started singing and dancing in praise of Arjun. 53.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)