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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति
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श्लोक 52
श्लोक
1.122.52
मरीचिरङ्गिराश्चैव पुलस्त्य: पुलह: क्रतु:।
दक्ष: प्रजापतिश्चैव गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥ ५२॥
अनुवाद
मरीचि और अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु और प्रजापति दक्ष, गंधर्व और अप्सराएँ भी आये। 52॥
Marichi and Angira, Pulastya, Pulah, Kratu and Prajapati Daksh, Gandharva and Apsaras also came. 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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