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mahabharat 1.122.5: तदनन्तर योगरूपी धर्म का संग करके सुन्दरी कुन्ती ने सम्पूर्ण प्राणियों का हित करने वाला पुत्र प्राप्त किया॥5॥   |   mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.122.5 
संयुक्ता सा हि धर्मेण योगमूर्तिधरेण ह।
लेभे पुत्रं वरारोहा सर्वप्राणभृतां हितम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर योगरूपी धर्म का संग करके सुन्दरी कुन्ती ने सम्पूर्ण प्राणियों का हित करने वाला पुत्र प्राप्त किया॥5॥
 
Subsequently, by associating with Dharma who was in the form of Yoga, the beautiful Kunti got a son who was beneficial to all living beings. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)