Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.122.49: तत्पश्चात् आकाश में पुष्पों की वर्षा के साथ-साथ देवताओं और दुन्दुभियों की गर्जना भरी ध्वनि अत्यन्त जोर से गूंजने लगी ॥49॥   |   mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  1.122.49 
आकाशे दुन्दुभीनां च बभूव तुमुल: स्वन:।
उदतिष्ठन्महाघोष: पुष्पवृष्टिभिरावृत:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् आकाश में पुष्पों की वर्षा के साथ-साथ देवताओं और दुन्दुभियों की गर्जना भरी ध्वनि अत्यन्त जोर से गूंजने लगी ॥49॥
 
Thereafter, along with the rain of flowers in the sky, the thunderous sound of the Gods and Dundubhis echoed very loudly. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)