Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.122.47-48: कुन्ती ने सौरि से यह अद्भुत समाचार सुना। आकाश से आई उस गम्भीर वाणी को सुनकर शतश्रृंग में निवास करने वाले ऋषिगण तथा विमानों पर निवास करने वाले इन्द्र आदि देवताओं के समूह को बड़ी प्रसन्नता हुई। | mahabharat अध्याय 1.122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतामत्यद्भुतां वाचं कुन्ती शुश्राव सूतके।
वाचमुच्चारितामुच्चैस्तां निशम्य तपस्विनाम्॥ ४७॥
बभूव परमो हर्ष: शतशृङ्गनिवासिनाम्।
तथा देवनिकायानां सेन्द्राणां च दिवौकसाम्॥ ४८॥
अनुवाद
कुन्ती ने सौरि से यह अद्भुत समाचार सुना। आकाश से आई उस गम्भीर वाणी को सुनकर शतश्रृंग में निवास करने वाले ऋषिगण तथा विमानों पर निवास करने वाले इन्द्र आदि देवताओं के समूह को बड़ी प्रसन्नता हुई।
Kunti heard this wonderful news from Sauri. On hearing that loud voice from the sky, the sages residing in Shatashringa and the group of gods like Indra etc. residing on the planes were very happy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥