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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति
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श्लोक 46
श्लोक
1.122.46
तथा दिव्यानि चास्त्राणि निखिलेनाहरिष्यति।
विप्रणष्टां श्रियं चायमाहर्ता पुरुषर्षभ:॥ ४६॥
अनुवाद
तब यह पुरुषोत्तम अर्जुन सम्पूर्ण दिव्यास्त्रों का पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर लेगा और अपनी खोई हुई सम्पत्ति पुनः प्राप्त कर लेगा॥ 46॥
“Then this best of men, Arjuna, will acquire full knowledge of all the divine weapons and will regain his lost wealth.”॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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