श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  1.122.43 
जामदग्न्यसम: कुन्ति विष्णुतुल्यपराक्रम:।
एष वीर्यवतां श्रेष्ठो भविष्यति महायशा:॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
'कुन्ती! वह परशुराम के समान वीर, भगवान विष्णु के समान पराक्रमी, बलवानों में श्रेष्ठ और अत्यन्त यशस्वी होगा॥43॥
 
'Kunti! He will be a brave warrior like Parashurama, mighty like Lord Vishnu, best among the strong and very famous. 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)