vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 122: युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति
»
श्लोक 10
श्लोक
1.122.10
धार्मिकं तं सुतं लब्ध्वा पाण्डुस्तां पुनरब्रवीत्॥ १०॥
अनुवाद
उस धर्मात्मा पुत्र को पाकर राजा पाण्डु ने पुनः (आग्रहपूर्वक) कुन्ती से कहा-॥10॥
After finding that pious son, King Pandu again (insistingly) said to Kunti – ॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×