Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.120.9-10: 'उसमें देवराज इन्द्र सोमपान करके उन्मत्त हो गए और ब्राह्मण पर्याप्त दक्षिणा पाकर हर्ष से भर गए। उस समय महामना राजर्षि व्युषिताश्व के यज्ञ में देवता और ब्रह्मर्षि स्वयं समस्त कार्य कर रहे थे। राजन! इससे व्युषिताश्व समस्त मनुष्यों से उच्च पद पर पहुँच गए और महान यश प्राप्त कर रहे थे। 9-10॥ | mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उसमें देवराज इन्द्र सोमपान करके उन्मत्त हो गए और ब्राह्मण पर्याप्त दक्षिणा पाकर हर्ष से भर गए। उस समय महामना राजर्षि व्युषिताश्व के यज्ञ में देवता और ब्रह्मर्षि स्वयं समस्त कार्य कर रहे थे। राजन! इससे व्युषिताश्व समस्त मनुष्यों से उच्च पद पर पहुँच गए और महान यश प्राप्त कर रहे थे। 9-10॥
'In that Devraj Indra became crazy after drinking Sompa and the Brahmins were filled with joy after getting sufficient Dakshina. At that time, the Gods and the Brahmarshi themselves were doing all the work in the Yagya of Mahamana Rajarshi Vyushitashva. Rajan! Due to this, Vyushitashva reached a higher position than all the humans and was getting great glory. 9-10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥