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mahabharat 1.120.33: 'भद्रे! उठो और जाओ, मैं इसी समय तुम्हें वर देता हूँ। चारुहासिनी! मैं तुम्हारे गर्भ से अनेक पुत्रों को जन्म दूँगा।'   |   mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  1.120.33 
उत्तिष्ठ भद्रे गच्छ त्वं ददानीह वरं तव।
जनयिष्याम्यपत्यानि त्वय्यहं चारुहासिनि॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
'भद्रे! उठो और जाओ, मैं इसी समय तुम्हें वर देता हूँ। चारुहासिनी! मैं तुम्हारे गर्भ से अनेक पुत्रों को जन्म दूँगा।'
 
'Bhadre! Get up and go, at this moment I grant you a boon. Charuhasini! I will give birth to many sons from your womb. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)