Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.120.3: हे महाबली भरत! तुम ही मेरे गर्भ से धर्मपूर्वक बहुत से वीर पुत्र उत्पन्न करोगे॥3॥   |   mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.120.3 
त्वमेव तु महाबाहो मय्यपत्यानि भारत।
वीर वीर्योपपन्नानि धर्मतो जनयिष्यसि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे महाबली भरत! तुम ही मेरे गर्भ से धर्मपूर्वक बहुत से वीर पुत्र उत्पन्न करोगे॥3॥
 
'O mighty brave Bharata! You alone will produce many valiant sons from my womb in a righteous manner.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)