Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.12.4: उग्रश्रवाजी कहते हैं - तत्पश्चात रुरु वहाँ से लुप्त हुए ऋषि को खोजते हुए सम्पूर्ण वन में दौड़ा और अन्त में थककर भूमि पर गिर पड़ा॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.12: जनमेजयके सर्पसत्रके विषयमें रुरुकी जिज्ञासा और पिताद्वारा उसकी पूर्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उग्रश्रवाजी कहते हैं - तत्पश्चात रुरु वहाँ से लुप्त हुए ऋषि को खोजते हुए सम्पूर्ण वन में दौड़ा और अन्त में थककर भूमि पर गिर पड़ा॥4॥
Ugrasravaji says - Thereafter Ruru ran all over the forest in search of the sage who had disappeared from there and at last he got exhausted and fell down on the ground. ॥4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥