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mahabharat 1.119.12: इस मार्ग में हमने अनेक बड़ी नदियों के दुर्गम तट और अनेक पर्वत घाटियाँ देखी हैं। यहाँ अनेक स्थान ऐसे हैं जहाँ सदैव बर्फ जमी रहती है और जहाँ वृक्ष, पशु और पक्षी नहीं हैं॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.119: पाण्डुका कुन्तीको पुत्र-प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 119: पाण्डुका कुन्तीको पुत्र-प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका आदेश  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.119.12 
महानदीनितम्बांश्च गहनान् गिरिगह्वरान्।
सन्ति नित्यहिमा देशा निर्वृक्षमृगपक्षिण:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस मार्ग में हमने अनेक बड़ी नदियों के दुर्गम तट और अनेक पर्वत घाटियाँ देखी हैं। यहाँ अनेक स्थान ऐसे हैं जहाँ सदैव बर्फ जमी रहती है और जहाँ वृक्ष, पशु और पक्षी नहीं हैं॥12॥
 
‘On this route we have seen the inaccessible banks of many big rivers and many mountain valleys. There are many places here where snow always remains frozen and where there are no trees, animals and birds.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)