Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.117.4: वैशम्पायन जी! वे ऐसे-ऐसे पराक्रम करते थे जो मनुष्यों की शक्ति से परे थे; इसलिए मैं उनके जन्म की पूरी कथा सुनना चाहता हूँ; कृपा करके मुझे बताइए॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.117: राजा पाण्डुके द्वारा मृगरूपधारी मुनिका वध तथा उनसे शापकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन जी! वे ऐसे-ऐसे पराक्रम करते थे जो मनुष्यों की शक्ति से परे थे; इसलिए मैं उनके जन्म की पूरी कथा सुनना चाहता हूँ; कृपा करके मुझे बताइए॥4॥
Vaishmpayana ji! He used to perform such feats which were beyond the power of humans; therefore I want to hear the entire story of his birth; please tell me. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥