Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.116.17-18: जनमेजय! राजा धृतराष्ट्र ने उचित विचार करके अपने सभी पुत्रों का विवाह योग्य स्त्रियों के साथ कर दिया। हे भरतश्रेष्ठ! विवाह का समय आने पर महाराज धृतराष्ट्र ने अपनी पुत्री दु:शालका का विवाह राजा जयद्रथ के साथ विधिपूर्वक कर दिया।॥17-18॥ | mahabharat अध्याय 1.116: धृतराष्ट्रके सौ पुत्रोंकी नामावली । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय! राजा धृतराष्ट्र ने उचित विचार करके अपने सभी पुत्रों का विवाह योग्य स्त्रियों के साथ कर दिया। हे भरतश्रेष्ठ! विवाह का समय आने पर महाराज धृतराष्ट्र ने अपनी पुत्री दु:शालका का विवाह राजा जयद्रथ के साथ विधिपूर्वक कर दिया।॥17-18॥
Janamejaya! King Dhritarashtra, after proper investigation, got all his sons married to suitable women. O best of the Bharatas! When the right time for marriage came, Maharaja Dhritarashtra duly married his daughter Dushalaaka to King Jayadratha.॥17-18॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि धृतराष्ट्रपुत्रनामकथने षोडशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सम्भवपर्वमें धृतराष्ट्रपुत्रनामवर्णनविषयक एक सौ सोलहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥