Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.115.11: यदि सौ पुत्रों के अतिरिक्त एक छोटी पुत्री भी उत्पन्न हो जाए तो मेरे पति पौत्र के पुण्य से प्राप्त होने वाले उत्तम लोकों से वंचित नहीं रहेंगे ॥11॥ | mahabharat अध्याय 1.115: दु:शलाके जन्मकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एका शताधिका बाला भविष्यति कनीयसी।
ततो दौहित्रजाल्लोकादबाह्योऽसौ पतिर्मम॥ ११॥
अनुवाद
यदि सौ पुत्रों के अतिरिक्त एक छोटी पुत्री भी उत्पन्न हो जाए तो मेरे पति पौत्र के पुण्य से प्राप्त होने वाले उत्तम लोकों से वंचित नहीं रहेंगे ॥11॥
If in addition to the hundred sons, a younger daughter is born then my husband will not be deprived of the best worlds that can be attained due to the virtue of his grandson. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥