श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.114.25 
जज्ञे क्रमेण चैतेन तेषां दुर्योधनो नृप:।
जन्मतस्तु प्रमाणेन ज्येष्ठो राजा युधिष्ठिर:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दो वर्ष बीत जाने पर, जिस क्रम से कुण्डों में गर्भ रखे गए थे, उसी क्रम से सबसे पहले राजा दुर्योधन का जन्म हुआ। जन्मकाल की दृष्टि से राजा युधिष्ठिर उनसे भी बड़े थे॥ 25॥
 
Thereafter, after two years had passed, in the same order in which the wombs were placed in the kunds, King Duryodhana was the first to be born from them. King Yudhishthira was even older than him in terms of birth time.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)