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mahabharat 1.114.24: ऐसा कहकर और पूर्वोक्त रीति से रक्षा की व्यवस्था करके परम बुद्धिमान भगवान व्यास तपस्या के लिए हिमालय पर्वत पर चले गए॥24॥   |   mahabharat अध्याय 1.114: धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.114.24 
इत्युक्त्वा भगवान् व्यासस्तथा प्रतिनिधाय च।
जगाम तपसे धीमान् हिमवन्तं शिलोच्चयम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर और पूर्वोक्त रीति से रक्षा की व्यवस्था करके परम बुद्धिमान भगवान व्यास तपस्या के लिए हिमालय पर्वत पर चले गए॥24॥
 
Having said this and making arrangements for protection as mentioned above, the most intelligent Lord Vyas went to the Himalayan Mountains for penance. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)